लखनऊ न्यूज डेस्क: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने एक बड़े अपहरण गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो कारोबारियों को ब्लैकमनी को व्हाइट करने का झांसा देकर बुलाता और फिर उन्हें अगवा कर फिरौती वसूलता था। दो दिन पहले, 22 मार्च को, इसी तरीके से एक कारोबारी का अपहरण किया गया, लेकिन समय रहते पुलिस को सूचना मिल गई। डीसीपी दक्षिण निपुण अग्रवाल की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल, पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और इस गिरोह से जुड़ी पुरानी वारदातों की भी जांच कर रही है।
डीसीपी निपुण अग्रवाल के अनुसार, गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी कंपनियों के नाम से अकाउंट बनाकर कारोबारियों को अपने जाल में फंसाता था। ये बदमाश उन्हें भरोसा दिलाते कि उनके पास करोड़ों की ब्लैकमनी है, जिसे व्हाइट में बदलने पर 10% कमीशन मिलेगा। जैसे ही कारोबारी इस लालच में आकर लखनऊ पहुंचता, गिरोह उसे अगवा कर लेता और परिजनों से 50 लाख से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की फिरौती मांगता। इस मामले में, अपहरणकर्ताओं ने बेंगलुरु के कारोबारी मंजूनाथ से 1 करोड़ रुपये की मांग की थी, लेकिन उनके परिजनों ने फौरन पुलिस को सूचना दी, जिससे आरोपियों को पकड़ लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का इस्तेमाल किया और छापेमारी में एक .32 बोर की पिस्टल, चार कारतूस, बिना नंबर प्लेट की कार और आठ मोबाइल फोन बरामद किए। आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर फर्जी कंपनी का अकाउंट बनाया था, जिससे उन्होंने मंजूनाथ को झांसा दिया। वह 22 मार्च को लखनऊ पहुंचे, जहां आते ही उन्हें अगवा कर लिया गया। पुलिस की तेज कार्रवाई के चलते गिरोह का भंडाफोड़ हुआ और कारोबारी को सुरक्षित बचा लिया गया। अब पुलिस इस गिरोह की बाकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।